बलरामपुर में विकसित भारत ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन की तैयारियाँ
Preparations for the 'Viksit Bharat' Rural Employment
बलरामपुर। Preparations for the 'Viksit Bharat' Rural Employment, गांवो में मजदूरों को रोजगार देने और विकास कार्याें के लिए विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन के तहत कार्य योजना तैयार की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के तहत एक अरब 85 करोड़ 93 लाख दो हजार 300 रुपये विकास कार्यों पर खर्च होंगे। निर्धारित कार्य योजना में 44 लाख 26 हजार 910 मानव दिवस सृजित कर श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराए जाएंगे। यह कार्ययोजना युक्तधारा पोर्टल पर अपलोड कर दी गई है। इससे न सिर्फ गांवों में विकास की गंगा बहेगी, बल्कि श्रमिकों का पलायन भी रुकेगा।
विकसित भारत ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन के तहत आगामी वर्ष में 793 ग्राम पंचायतों में मजदूरों को रोजगार देने और विकास कार्य कराने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके लिए एक अरब 88 लाख रुपये योजना तैयार की गई है। इससे गांवों की तस्वीर बदलने की तैयारी है।
वर्ष में 125 दिन मिलेगा रोजगार
इस योजना के तहत श्रमिकों को बड़े पैमाने पर रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। करीब 44 लाख मानव दिवस सृजित करने की तैयारी है। वहीं इस बार से श्रमिकों को वर्ष में 125 दिन तक काम मिल सकेगा। जिले में एक लाख.49 हजार सक्रिय श्रमिकों को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
इन योजनाओं पर होगा काम
कार्य योजना के अनुसार जल संरक्षण, जल संग्रहण, पर्यावरण बचाने के लिए पौधरोपण, पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए कैटल शेड का निर्माण, जरूरतमंदों के लिए आवास संबंधी कार्य और गांवों में कच्चे-पक्के निर्माण कार्य कराए जाएंगे। योजना के तहत कुछ काम सीधे लाभार्थियों को ध्यान में रखकर भी होंगे। जिससे ग्रामीणों को व्यक्तिगत लाभ मिल सके।
40 प्रतिशत बजट निर्माण सामग्री पर होगा खर्च
कुल बजट का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा निर्माण सामग्री और अन्य खरीद पर खर्च किया जाएगा। जबकि बाकी राशि मजदूरी में जाएगी। ब्लाक और ग्राम पंचायत स्तर पर अलग-अलग कामों का प्रस्ताव तैयार कर अनुमोदन कराया जाएगा। एक अप्रैल से ग्राम पंचायतों में काम धरातल पर शुरू होगा।
योजना के तहत आगमी वर्ष का तैयार किए गए कार्य योजना में नए तालाब की खोदाई्, गांवों के अंदर और बाहरी क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कें और पुलिया का निर्माण चेक डैम की खोदाई व मरम्मत, तटबंधों का निर्माण और मरम्मत, मिट्टी की पटाई, जल संरक्षण, जलनिकासी पौधारोपण, खेल मैदान पार्क समेत अन्य विकास कार्य शामिल है। -सुशील कुमार अग्रहरि, डीसी मनरेगा